वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, आज एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। दोनों देशों ने अगले दो हफ़्तों के लिए सीजफायर यानी युद्धविराम पर सहमति जताई है। इस प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय समुदाय विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र द्वारा सराहा गया है।
आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे टकराव में अब तक 3500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 12 से अधिक देशों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक, यह युद्धविराम ट्रंप प्रशासन और ईरानी नेतृत्व के बीच गुप्त वार्ता के बाद संभव हो सका है।
कूटनीतिक सूत्रों का मानना है कि यदि यह शांति समझौता सफल रहता है, तो आने वाले महीनों में तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। आज शाम होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्हाइट हाउस इस समझौते की और अधिक जानकारी साझा करेगा।
इस युद्धविराम के बाद, मध्य पूर्व के अन्य प्रभावित देशों में भी राहत की लहर देखी जा रही है। विशेष रूप से शरणार्थी शिविरों में सहायता सामग्री पहुँचाने का काम तेज कर दिया गया है।
"शांति की ओर बढ़ाया गया यह पहला कदम है, लेकिन हमें सतर्क रहना होगा क्योंकि कूटनीति की राह अक्सर उतार-चढ़ाव भरी होती है।" - संयुक्त राष्ट्र महासचिव
आगामी सप्ताह में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की जिनेवा में मुलाकात होने की संभावना है, जहाँ एक दीर्घकालिक शांति समझौते पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
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Nitiya , August 29, 2017
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